“शिक्षक का व्यक्तित्व समाज का दर्पण और राष्ट्र निर्माण की नींव है” : “रजनीश तिवारी डीईओ”

“शिक्षक का व्यक्तित्व समाज का दर्पण और राष्ट्र निर्माण की नींव है” : “रजनीश तिवारी डीईओ”
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही,शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला शिक्षा विभाग द्वारा जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन डाइट पेंड्रा में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर जिले के तीनों विकासखंडों से कुल 65 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसमें गौरेला विकासखंड से 19, पेंड्रा विकासखंड से 21 तथा मरवाही विकासखंड से 25 सेवानिवृत्त सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधानपाठक, व्याख्याता एवं प्राचार्य शामिल रहे। इन सभी को मंच से शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
जिले में नवाचार करते हुए इस बार पहली बार निजी विद्यालयों के 15 शिक्षकों को भी मंच से सम्मानित किया गया। इस पहल को सभी ने सराहा और इसे शिक्षा जगत में समान अवसर एवं प्रोत्साहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

समारोह के स्वागत भाषण में जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने कहा—
“शिक्षक का व्यक्तित्व समाज का दर्पण होता है और समाज के लिए आदर्श बनता है। शिक्षक केवल ज्ञान का संचार ही नहीं करते, बल्कि बच्चों के चरित्र, संस्कार और भविष्य की नींव रखते हैं। हमें प्रयास करना चाहिए कि इस महत्वपूर्ण पद की गरिमा हमेशा बनी रहे। राष्ट्र निर्माण और समाज की प्रगति का आधार शिक्षक ही हैं। आज का यह सम्मान समारोह उनके अथक परिश्रम और योगदान को नमन करने का एक छोटा प्रयास है।”
उन्होंने आगे कहा कि शिक्षकों के योगदान से ही देश का भविष्य मजबूत बनता है। एक शिक्षक की मेहनत से तैयार हुआ विद्यार्थी आगे चलकर समाज और राष्ट्र को दिशा देता है।
इस अवसर पर डाइट प्राचार्य जेपी पुष्प ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान है। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभव को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया।
समारोह में उपस्थित वरिष्ठ सेवानिवृत्त शिक्षकों ने भी अपने विचार रखे और शिक्षा क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए।
अंत में आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी, डाइट प्राचार्य जेपी पुष्प, वरिष्ठ शिक्षकगण एवं सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति में शिक्षक दिवस का यह जिला स्तरीय कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।





